नई दिल्ली: अमिताभ बच्चन की फिल्म झुंड की रिलीज मुश्किलों में घिरती नजर आ रही है। बुधवार को सुप्रीम कोर्ट ने इस फिल्म की रिलीज पर लगी रोक को हटाने से इंकार कर दिया। इसके साथ ही सर्वोच्च न्यायालय तेलंगाना हाई कोर्ट के आदेश के खिलाफ दायर अपील को खारिज कर दिया है।

तेलंगाना हाई कोर्ट ने कॉपीराइट विवाद को लेकर इस फिल्म के प्रदर्शन पर रोक लगा दी थी। प्रधान न्यायाधीश एस ए बोबडे, न्यायमूर्ति ए एस बोपन्ना और बी रामासुब्रमण्यम की पीठ के उच्च न्यायालय के 19 अक्टूबर के आदेश के खिलाफ टी सीरीज की अपील को खारिज कर दिया है।

झुंड फिल्म पर प्रदर्शन की वजह

हैदराबाद स्थित लघु फिल्म निर्माता नंदी चुन्नी कुमार ने फिल्म निर्माताओं पर कॉपीरइट्स के कथित उल्लंघन का आरोप लगाया है, लेकिन इसको दूसरे पक्ष ने इंकार किया है। इस मामले की सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले के दिलचस्प करार कर दिया है और वह निर्देश देगी कि इसकी सुनवाई 6 महीने के अंदर पूरी की जाए। फिल्म निर्माता के पक्ष के वकील ने कहा कि 6 महीने में यह फिल्म बेकार हो जाएगी। वह पैसे देने के लिए भी तैयार है उन्होंने कहा था कि संबंधित पक्षों के बीच 1.3 करोड़ रुपए देने पर सहमति बनी थी।सुप्रीम कोर्ट का कहना था कि यह फिल्म गैर सरकारी संगठन सलम साकर के संस्थापक विजय वसे के जीवन पर आधारित है।

जिसे अमेज़न प्राइम की ओटीटी प्लेटफॉर्म पर नवंबर में रिलीज होना था। वही चुन्नी कुमार के वकील पी एस नरसिंह ने कहा कि निचली अदालत में लंबित इस मामले को 6 महीने के भीतर निस्तारण करने के लिए न्यायालय निर्देश दे सकता है। वही तेलंगाना की निचली अदालत ने 17 सितंबर को इस मामले की सुनवाई पूरी होने तक फिल्म के प्रदर्शन पर रोक लगा दी थी। उनके फैसले को उच्च न्यायालय ने 19 अक्टूबर को बरकरार रखा था। यह फिल्म मई में रिलीज होने वाली थी लेकिन कोविड-19 की वजह से इसका प्रदर्शन नहीं किया जा सका था।

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