juhi chawla 5G टेस्टिंग याचिका बॉलीवुड एक्‍ट्रेस जूही चावला ने कुछ दिनों पहले दिल्‍ली हाईकोर्ट में भारत में 5जी को लागू करने के खिलाफ एक याचिका डाली थी। इस याचिका पर पहली सुनवाई सोमवार को हुई थी। आज यानी की बुधवार को दूसरी सुनवाई हुई जिसमें दिल्‍ली हाईकोर्ट ने जूही चावला से कहा कि वो अपनी याचिका पर एक संक्षिप्त नोट दाखिल करें। न्यायमूर्ति जेआर मिढ़ा ने दोपहर ढाई बजे तक दो पेज का नोट दाखिल करने आदेश देते हुए तीन बजे इस मामले की सुनवाई की। कोर्ट ने जूही की याचिका पर अपना फैसला सुरक्षित किया है।

सुनवाई वर्चुअल माध्यम से हुई

Juhi chawla 5G टेस्टिंग याचिका

इसमामले की सुनवाई वर्चुअल माध्यम से हुई। सुनवाई के दौरान जैसे ही जूही चावला वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़ीं, सुनवाई में शामिल एक शक्स ने गाना गाना शुरू कर दिया। शख्स ‘लाल लाल होठों पर गोरी किसका नाम है…’ गाना शुरू कर दिया। कोर्ट ने इसे गंभीरता से लेते हुए व्यक्ति को म्यूट करने को कहा।

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इस बीच जैसे ही जूही चावला की तरफ से पेश हुए वकील ने कहा कि अभी 5जी की शुरुआत नहीं हो रही, लेकिन इसको लेकर ट्रायल शुरू हो चुका है और यह ट्रायल इंसानी आबादी पर हो रहा है। इसी बीच फिर वर्चुअल सुनवाई के दौरान जूही चावला की एक और फिल्म की गाने को गुनगुनाते हुए आवाज आई। तभी कोर्ट ने पुलिस को उस शख्स की पहचान कर उसके खिलाफ नोटिस जारी करने का आदेश दिया।

Juhi chawla 5G टेस्टिंग याचिका

जूही चावला की याचिका में कहा गया है कि दूरसंचार उद्योग की योजनाएं पूरी होती हैं तो पृथ्वी पर कोई भी व्यक्ति, कोई जानवर, कोई पक्षी, कोई कीट और कोई भी पौधा इसके प्रभाव से नहीं बच सकेगा।

वकील दीपक खोसला के माध्यम से कोर्ट में लगाई गई इस याचिका में यह भी मांग की गई है कि सरकार और मामले से जुड़े अधिकारी यह साफ करें कि 5G वायरलेस नेटवर्क मानव जाति, पुरुष, महिला, वयस्क, बच्चे, शिशु, जानवरों और हर प्रकार के जीवों, वनस्पतियों के लिए सुरक्षित है।

बता दें कि साल 2018 में भी जूही चावला की तरफ से इस मामले को लेकर उस वक्त के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को चिट्ठी लिखी गई थी। इस चिट्ठी में उन्होंने कहा था कि मोबाइल टावर और वाईफाई हॉटस्पॉट से निकलने वाले रेडिएशन से लोगों के स्वास्थ्य के साथ-साथ पर्यावरण को भी भारी नुकसान होने की संभावना है लिहाजा इस पर सरकार गौर करे।

इस मामले पर दो और लोगों ने लगाई याचिका

जूही के साथ इस मामले में 2 और लोगों ने याचिका लगाई है। उनमें से एक की तरफ से पेश हो रहे कपिल सिब्बल ने कहा कि 5जी को लॉन्च करना सरकार की पॉलिसी है लेकिन अगर संविधान के अनुच्छेद 14 या अन्य प्रावधानों का उल्लंघन हो तो सरकार की नीति को रद्द किया जा सकता है और ऐसा रिट याचिका के जरिए किया जा सकता है।

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