चीन का अनिंयत्रित रॉकेट (Uncontrolled rocket of china) आखिरकार बिना किसी को नुकसान पहुंचाए, हिंद महासागर में मालदीव्स के पास गिर गया। एक हफ्ते से परेशान दुनिया भर के लोगों के लिए यह चिंता का विषय बना हुआ था। इससे पहले इसके न्यूजीलैंड के आसपास किसी द्वीप पर गिरने की आशंका जताई जा रही थी। लेकिन साथ ही साइंटिस्ट यह भी कह रहे थे कि यह किसी भी समय कहीं भी गिर सकता है। अच्छी बात ये रही है कि रॉकेट के अंशों से किसी को नुकसान नहीं हुआ।

Uncontrolled Rocket Of China

Uncontrolled rocket of china अधिकांश मलबा वायुमंडल में जला

मीडिया ने चीन के मानवयुक्त स्थान का हवाला देते हुए बताया कि लांग मार्च 5B रॉकेट के कुछ हिस्सों ने सुबह 10:24 बजे बीजिंग समय (0224 GMT) में वायुमंडल में प्रवेश किया और एक स्थान पर गिरे, जो कि निर्देशांक के साथ 72.47 डिग्री पूर्वी और अक्षांश 2.65 डिग्री उत्तर में स्थित है। निर्देशांक ने भारत और श्रीलंका के दक्षिण-पश्चिम में समुद्र में प्रभाव के बिंदु को रखा। साथ ही कहा गया कि अधिकांश मलबा वायुमंडल में जल गया था।

Uncontrolled Rocket Of China

रॉकेट के कोर स्टेज की लंबाई 100 फीट और चौड़ाई 16 फीट है। इससे पहले वैज्ञानिकों ने कहा था कि जब यह ऑर्बिट से निकलकर पृथ्वी के वातावरण में प्रवेश करेगा तो इसके जलने की संभावना है। इसके बावजूद कोर स्टेज के बड़े हिस्से मलबे के रूप में धरती पर गिर सकते थे। हमारे ग्रह का बड़ा हिस्सा समुद्र से घिरा हुआ है, ऐसे में रॉकेट के हिस्सों के वहीं पर गिरने की संभावना है। फिर भी ये आस-पास के इलाके के लिए खतरा पैदा कर सकते हैं।

चीनी रॉकेट कैसे अनियंत्रित हुआ

बेकाबू हुआ रॉकेट चीन के इस रॉकेट का नाम लॉंग मार्च 5बी रॉकेट है और इसका वजन 21 टन यानि 21 हजार किलो है। इसे 29 अप्रैल को ही लॉन्च किया गया था लेकिन अंतरिक्ष में जाने के बाद ये ऑउट ऑफ कंट्रोल हो गया है। जिसके चलते अब इस रॉकेट पर नियंत्रण बनाना काफी मुश्किल हो रहा था। आशंका इस बात को लेकर सबसे ज्यादा थी कि अगर ये रॉकेट आबादी वाले हिस्से में गिरेगा है तो फिर क्या होगा?

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वैज्ञानिकों ने आशंका जताई थी कि अगर 21 हजार किलो का ये रॉकेट किसी शहर के ऊपर गिरता है तो ये भारी तबाही मचा सकता है और सैकड़ों लोगों की जान ले सकता है। सबसे दिक्कत की बात ये थी कि ये रॉकेट दुनिया के किस हिस्से में गिरेगा, इसकी सटीक जानकारी नहीं लग पा रही थी और हुआ भी यही। रॉकेट को लेकर कुछ घंटे पहले तक वैज्ञानिकों को कुछ भी जानकारी नहीं लग सकी।

क्या था चीन का प्लान

चीन ने प्लान किया था कि इस रॉकेट के जरिये स्पेस में Tiangong नाम का चीनी स्पेस स्टेशन बनाया जाएगा, जो 2022 तक पूरा हो जाएगा। इसके बाद ये स्पेस स्टेशन पृथ्वी के चक्कर लगाकर पृथ्वी की जानकारी स्पेस से देगा। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, चीन को भी इसकी जानकारी चीन को भी थी। लेकिन उसने इसे लेकर कोई चेतावनी जारी नहीं की है।

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