खून में गर्मी को घर पर ही कम करने के 10 असरदार नुस्खे, जानिए खून में गर्मी के लक्षण और कारण

खून की गर्मी एक सामान्य समस्या है जो धीरे-धीरे बढ़ती जा रही है। खून में गर्मी के लक्षण तब दिखाई देते है जब शरीर के अंदर उत्पन्न होने वाली गर्मी शरीर से नहीं निकलती है। यह समस्या आमतौर पर गर्मियों में अधिक देखी जाती है लेकिन इसे समझने और सही उपायों को अपनाकर दूर करने के लिए इसके कारणों और लक्षणों को जानना बहुत ही आवश्यक है। खून की गर्मी के कारण शरीर में तरह-तरह की समस्याएं हो सकती हैं, आइए आज हम इस आर्टिकल के माध्यम से खून में गर्मी क्यों होती है, khoon Mei Garmi ke lakshan और उससे जुड़ी तमाम जानकारियों के बारे में डिटेल में जानेंगे आर्टिकल को नीचे पूरा पढ़ें।

खून में गर्मी के लक्षण

खून में गर्मी क्यों होती है- Khoon me Garmi in hindi

खून में गर्मी उन बदलते प्रकृतिक तत्वों के कारण होती है जो हमारे शरीर के अंदर होते हैं। खून हमारे शरीर का एक महत्वपूर्ण घटक होता है जो हमारे शरीर में ऑक्सीजन, पोषक तत्वों, विटामिन, हार्मोन और अन्य प्रकृतिक तत्वों को आसानी से पहुंचाता है।

जब शरीर में तत्वों की खराबी होती है, तब शरीर इन तत्वों को दूर करने की कोशिश करता है। खून में गर्मी का मुख्य कारण इसी संदर्भ में होता है। शरीर के अंदर जब कुछ खराब तत्व उत्पन्न होते हैं, तब शरीर उन्हें खत्म करने के लिए खून की गर्मी बढ़ाता है। यह एक सामान्य रक्तप्रवाह के अंतर्गत होता है जो शरीर में रंगता हुआ होता है और इसमें शरीर के अनुकूलता और स्थितियों के अनुसार तत्वों का उपयोग होता है। इसके अलावा, खून में गर्मी का कारण शरीर में अन्य कुछ कारकों जैसे खराब खान-पान, अधिक थकान, धूम्रपान, शराब, ऊष्मांश विषमता और शारीरिक दुर्बलता भी होती है।

खून में गर्मी के कारण

खून की गर्मी के कई कारण हो सकते हैं। कुछ आम कारणों में हमारा लाइफस्टा और आहार होता है जो खून की गर्मी को बढ़ाता हैं। जिसमें  कुछ मुख्य कारण हैं नीचे बताया गया है।

  • अधिक तापमान : अधिक तापमान वाली जगहों में रहने से शरीर का तापमान बढ़ता है जिससे खून की गर्मी भी बढ़ती है।
  • अधिक भोजन: अधिक मात्रा में भोजन करने से भी शरीर को उसे पाचन करने के लिए ज्यादा ऊर्जा की आवश्यकता होती है, जो खून की गर्मी बढ़ाती है।
  • थकान: थकान से भी खून की गर्मी बढ़ती है।
  • अधिक शराब या चाय-कॉफी की मात्रा: शराब, चाय या कॉफी जैसी चीजों में कैफीन और एल्कोहॉल होता है जो खून की गर्मी को बढ़ाते हैं।
  • गलत आदतें: रात को देर से सोना या ज्यादा देर तक टीवी या मोबाइल फोन पर चलते रहना खून की गर्मी को बढ़ाता है।
  • थकान या सुस्ती: अत्यधिक थकान या सुस्ती भी खून की गर्मी को बढ़ाती है।
  • विटामिन और खनिजों की कमी: खून की गर्मी के कारण शरीर से विटामिन और खनिजों की कमी हो सकती है। विटामिन सी, विटामिन बी कंप्लेक्स और फॉलिक एसिड की कमी शरीर की क्षमता कम करती है और थकान या सुस्ती के लक्षण दिखाई देते हैं। इसलिए, सही मात्रा में विटामिन और खनिजों की उपलब्धता को सुनिश्चित करना बहुत जरूरी है।
  • उच्च रक्तचाप: उच्च रक्तचाप भी खून की गर्मी के कारण हो सकता है। उच्च रक्तचाप वृद्धि के कारण शरीर के अंगों में रक्त की संचार में असमंजस उत्पन्न होता है जो खून की गर्मी को बढ़ाता है।
  • असंतुलित आहार: खून की गर्मी के अन्य कारण में असंतुलित आहार भी शामिल होता है। अधिक मात्रा में तला हुआ, चिप्स, चॉकलेट और प्रोसेस्ड फूड खाना शरीर की क्षमता को कम करता है और खून की गर्मी को बढ़ाता है। इसलिए, स्वस्थ आहार का सेवन करना बहुत जरूरी है।
  • बढ़ती उम्र: बढ़ती उम्र के साथ भी शरीर की क्षमता कम होती है और खून की गर्मी बढ़ती है।
  • शुगर और मोटापा: अधिक मात्रा में शुगर और मोटापा भी खून की गर्मी को बढ़ाता हैं।
  • दवाओं का सेवन: कुछ दवाओं का सेवन भी खून की गर्मी को बढ़ाता है। इसलिए, दवाओं के सेवन से पहले डॉक्टर से परामर्श कर लेना चाहिए।
  • धूप में रहना: धूप में लंबे समय तक रहना भी खून की गर्मी को बढ़ाता है। इसलिए, धूप से बचकर रखें और ज्यादा गर्म जगहों में रहने से बचें।

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खून में गर्मी के लक्षण – Khoon ki Garmi ke lakshan in Hindi

खून में गर्मी के ये सब निम्नलिखित लक्षण हो सकते हैं जैसे,

  • शरीर में दर्द या अस्वस्थता का अनुभव
  • गर्मी की वजह से त्वचा की खुशकी और लालिमा
  • उच्च तापमान और तापमान में अधिकतम बढ़ोतरी
  • लंबे समय तक ज्वर रहना
  • अधिक पसीना आना
  • थकान या सुस्ती का अनुभव करना
  • निश्चित समय तक कुछ खाने की इच्छा न होना
  • सांस लेने में तकलीफ और सांसों की तेजी में कमी
  • बदहजमी, पेट में गैस और उलटी
  • चक्कर आना या भ्रम
  • पित्त के प्रकोप से नाक से खून या मल के साथ उलटी करना
  • अनियमित दिल की धड़कन और दर्द
  • पसीने से बदबू आना
  • मुंह और गले में सूखापन का अनुभव होना
  • पानी की कमी या भूख नहीं लगना
  • मूत्र में बदलाव, जैसे कि कम मात्रा में मूत्र या अधिक पेशाब आना
  • आंखों के नीचे काले घेरे और सूखी आंखें
  • उपचार के बाद भी स्थिति में सुधार न होना
  • मानसिक तनाव और अधिक थकान
  • नींद की कमी या अनिद्रा

खून की गर्मी को कैसे दूर करें?

खून की गर्मी को कम करने के लिए कुछ आसान उपाय नीचे बताया जा रहे हैं। इन उपाय को अपनाकर आप खून की गर्मी को दूर कर सकते हैं।

पानी की अधिक मात्रा में सेवन करें

रोजाना कम से कम 8-10 गिलास पानी पीना शुरू करें। पानी से शरीर में मौजूद गर्मी को कम करने में मदद मिलती है।

व्यायाम करें

नियमित व्यायाम करने से शरीर का तापमान कम होता है और खून की गर्मी में भी कमी होती है। आप इसके लिए योग, जोगिंग, फिटनेस एक्सरसाइज आदि कर सकते हैं।

चाय और कॉफी से परहेज करें

चाय और कॉफी खून की गर्मी को बढ़ाते हैं। इसलिए इनकी जगह जूस, दही, नारियल पानी जैसे सुगंधित पेय पीना शुरू करें।

ठंडे पदार्थों का सेवन करें

ठंडे पदार्थ जैसे नींबू पानी, शरबत, छाछ, ठंडी चाय और ठंडा पानी खून की गर्मी को कम करने में मदद करते हैं।

ठंडे पानी से स्नान करें

ठंडे पानी से नहाना शरीर की तापमान को तुरंत कम करता है और खून की गर्मी को भी कम करता है।

फल और सब्जियां खाएं

फल और सब्जियां खाने से शरीर में तरल पदार्थों का स्तर बढ़ता है, जो शरीर की गर्मी को कम करने में मदद करता है। अधिकतर फल और सब्जियां ठंडे होते हैं और इसलिए शरीर को ठंडा रखते हैं। जैसे टमाटर, खीरा, तरबूज, करेले आदि खाना शुरू करें।

खाने में मसाले और चटपटा न खाएं

खाने में अधिक मसाले और चटपटा खाने से शरीर में गर्मी बढ़ती है। इसलिए इस तरह के खाद्य पदार्थों से बचें।

शीतल पदार्थों का सेवन करें

शीतल पदार्थ जैसे कि ठंडी लस्सी, ठंडी शरबत, फलों का रस, ठंडी चाय इत्यादि खून की गर्मी को कम करने में मदद करते हैं।

खाने के बाद थोड़ा टहलें

खाने के बाद तुरंत सो जाने से खून में गर्मी बढ़ती है। खाने के बाद कुछ समय टहलना चाहिए जिससे आपका शरीर आराम से खाने के बाद अपनी सामान्य स्थिति में वापस आ सकता है और आपकी पाचन क्रिया में भी सुधार होती है।

संतुलित आहार लें

संतुलित आहार खाने से शरीर में पोषण और ऊर्जा की आवश्यकताएं पूरी होती हैं जो शरीर को स्वस्थ रखने में मदद करता है और खून की गर्मी को भी कम करता है।

उपरोक्त उपायों का पालन करने से आप खून की गर्मी को कम कर सकते हैं।

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खून में गर्मी दूर करने के घरेलू नुस्खे

खून में गर्मी को कम करने के लिए नीचे कुछ घरेलू नुस्खे बताए गए हैं जो निम्नलिखित हैं जैसे

1. तुलसी के पत्ते

तुलसी के पत्तों का रस खून में गर्मी को कम करने में मदद करता है। आप इसे एक गिलास गन्ने के रस में मिलाकर पी सकते हैं।

2. नारियल पानी

नारियल पानी शरीर में ताजगी लाने के साथ-साथ खून की गर्मी को भी कम करता है।

3. शहद

एक गिलास गर्म पानी में दो चम्मच शहद मिलाकर पीने से खून की गर्मी कम होती है।

4. गुलाब जल

गुलाब जल शरीर की गर्मी को कम करने में मदद करता है। आप इसे सीधे त्वचा पर भी लगा सकते हैं या पानी में मिलाकर पी सकते हैं।

5. छाछ

छाछ में विटामिन सी और ए के अलावा पोटेशियम और जिंक भी होते हैं, जो शरीर में खून की गर्मी को कम करने में मदद करते हैं।

6. अंजीर

अंजीर शरीर में खून की गर्मी को कम करने में मदद करता है। आप अंजीर को रोजाना खा सकते हैं या उसे गर्म पानी में भीगो कर भी खा सकते हैं।

7. नींबू पानी

नींबू पानी में विटामिन सी की अधिक मात्रा होती है, जो खून की गर्मी को कम करने में मदद करता है।

8. ताजा नारंगी जूस

ताजे नारंगी जूस में विटामिन सी की अधिक मात्रा होती है जो खून की गर्मी को कम करने में मदद करता है।

9. सब्जी और फल खाएं

खून की गर्मी को कम करने के लिए ताजे फल और सब्जियों का सेवन अवश्य करें।

ध्यान रखें कि ये घरेलू नुस्खे खून की गर्मी को कम करने में मदद कर सकते हैं, लेकिन अगर आपकी स्थिति गंभीर है तो आपको अपने चिकित्सक से परामर्श लेना जरूर लेना चाहिए।

Conclusion

इस आर्टिकल में  खून में गर्मी के लक्षण और उससे जुड़ी तमाम जानकारी के बारे में बताया गया है जो एक सामान्य ज्ञान पर आधारित है। आप बताएं गए उपायों को अपनाकर इस समस्या से छुटकारा पा सकते हैं और अगर आपको इसमें ज्यादा प्रॉब्लम है तो आप अपने डॉक्टर से संपर्क जरूर करें। आपको यह जानकारी कैसी लगी कमेंट में जरूर बताएं और अपने दोस्तों के साथ भी शेयर करें।