ऑनलाइन इनकम टैक्स रिटर्न कैसे भरे | Income Tax Return online in hindi । इस आर्टिकल में हम आपको बताएगें के ऑनलाइन इनकम टैक्स रिटर्न कैसे भरे | Income Tax Return online in hindi सरकार लोगों की आमदनी पर टैक्स भी वसूल किया करती है। हर साल सरकार के इनकम टैक्स स्लैब में आने वाले लोगों को इनकम टैक्स जमा भी करना होता है। हालांकि कई लोग खुद से इनकम टैक्स फाइल न करवा कर किसी प्रोफेशन या सीए से इनकम टैक्स भरने में मदद लेते हैं। हालांकि कुछ स्टेप काम में लेकर खुद भी काफी आसानी से घर बैठे ही इनकम टैक्स रिटर्न(ITR भर सकते हैं।

ऑनलाइन इनकम टैक्स रिटर्न कैसे भरे | Income Tax Return online in hindi

इनकम टैक्स क्या होता है |what is income tax

मोटे तौर पर वित्त वर्ष (financial year) की समाप्ति के बाद आपको पिछले साल अर्जित की गई अपनी आय की गणना (Calculation) के लिए तीन-चार महीने दिए जाते हैं। आपको यह समय आपकी कर योग्य आय की गणना और इसके मुताबिक टैक्स अदा करने के लिए दिया जाता है। अगर किसी व्यक्ति की शुद्ध कर योग्य आय 2.5 लाख रुपये से अधिक है, तो उसके लिए आयकर रिटर्न दाखिल करना जरूरी है।

इनकम टैक्स रिटर्न फॉर्म के प्रकार | Income Tax Return online in hindi

ऑनलाइन इनकम टैक्स रिटर्न कैसे भरे | Income Tax Return online in hindi

आयकर रिटर्न फॉर्म 7 प्रकार के होते हैं और अलग-अलग कैटेगरी के करदाताओं को उनकी कैटेगरी के लिए तय फॉर्म भरना होता है. ये कैटेगरी टैक्सपेयर के स्टेटस, आय की प्रकृ​ति और थ्रेसहोल्ड लिमिट, कारोबार या व्यक्ति के काम की प्रकृ​ति आदि के आधार पर ​तय हो​ती है. हर करदा​ता को पता होना चाहिए कि उसे कौन सा ITR फॉर्म भरना है. आइए बताते हैं सभी 7 ITR फॉर्म के बारे में…

​ITR 1 सहज

यह फॉर्म उन नागरिकों के लिए है, जिनकी कुल आय 50 लाख रुपये तक है। इस आय में सैलरी/पेंशन, एक हाउस प्रॉपर्टी व अन्य स्त्रोत जैसे ब्याज से प्राप्त आय शामिल की जाती है। इसके अलावा 5000 रुपये तक की कृषि आय भी शामिल होती है। यह फॉर्म उन व्यक्तियों के लिए नहीं है, जो या तो किसी कंपनी में निदेशक हैं या जिसने गैरसूचीबद्ध इक्विटी शेयरों में निवेश किया हुआ है, या फिर बिजनेस/प्रोफेशन से आय प्राप्त करते हैं।

​ITR 2 फॉर्म

ITR 2 फॉर्म उन व्यक्तियों व HUFs (हिंदू अनडिवाइडेड फैमिली) के लिए है, जिन्हें बिजनेस या प्रोफेशन से हुए प्रॉफिट से आय नहीं होती है लेकिन ITR 1 फॉर्म के लिए योग्य नहीं हैं। इस फॉर्म को वे टैक्सपेयर (Income Taxpayer) भर सकते हैं, जिन्हें सैलरी/पेंशन, हाउस प्रॉपर्टी व अन्य स्त्रोत जैसे ब्याज से आय (Income from Interest) प्राप्त होती है और वह 50 लाख रुपये से ज्यादा है।

​ITR 3 फॉर्म

यह फॉर्म उन व्यक्तियों व HUFs के लिए है, जिन्हें बिजनेस या प्रोफेशन से हुए प्रॉफिट से आय होती है लेकिन ITR 4 के लिए योग्य नहीं हैं। कोई बिजनेस करने वाला, किसी कंपनी का इंडीविजुअल डायरेक्टर, अनलिस्टेड इक्विटी शेयरों में निवेश करने वाला, किसी फर्म में पार्टनर के तौर पर आय अर्जित करने वाला ITR 3 को भरने का पात्र है। रिटर्न में हाउस प्रॉपर्टी, सैलरी/पेंशन और अन्य स्त्रोतों से आय को शामिल किया जा सकता है।

​ITR 4 सुगम

यह फॉर्म उन व्यक्तियों, HUFs व पार्टनरशिप फर्म्स (LLP के अलावा) के लिए है, जिन्हें भारत के नागरिक के निवासी के तौर पर 50 लाख रुपये तक की कुल आय होती है और जिन्हें ऐसे बिजनेस व प्रोफेशन से आय होती है, जो आयकर कानून के सेक्शन 44AD, 44ADA या 44AE के तहत कंप्यूटेड हैं। कैपिटल गेन्स से आय पाने वाले और फॉरेन असेट का मालिक ITR 4 का इस्तेमाल नहीं कर सकते। आय में सैलरी या पेंशन, एक हाउस प्रॉपर्टी, अन्य स्त्रोतों से आय भी शामिल है। हालांकि अगर बिजनेस का टर्नओवर 2 करोड़ रुपये से ज्यादा है तो उसके मालिक को आईटीआर 3 भरना होगा।

​ITR 5 फॉर्म

व्यक्ति और HUF (ITR-1 से लेकर ITR 4 तक भरने वाले), कंपनी (ITR-6 भरने वाली) या चैरिटेबल ट्रस्ट/इंस्टीट्यूशंस (ITR-7 भरने वाले) से अलग टैक्सपेयर्स के लिए है। यानी ITR 5, ITR-4 के लिए योग्य पार्टनरशिप फर्म्स से अलग पार्टनरशिप फर्म्स के लिए, LLPs, एसोसिएशन ऑफ पर्सन्स, बॉडी ऑफ इंडीविजुअल्स आदि ऐसे टैक्सपेयर्स के लिए है, जिनके लिए कोई और फॉर्म लागू नहीं होता है।

​ITR 6 और ITR 7

आयकर कानून (Income Tax Act) के सेक्शन 11 के तहत एग्जेंप्शन क्लेम करने वाली कंपनियों से अलग कंपनियों के लिए ITR 6 फॉर्म बनाया गया है। कंपनियों समेत उन व्यक्तियों के लिए जिन्हें केवल 139(4A) या 139(4B) या 139(4C) या 139(4D) के तहत रिटर्न फर्निश करने की जरूरत है, उनके लिए ITR 7 फॉर्म है। टैक्सपेयर को अपनी कैटेगरी के हिसाब से इनकम टैक्स रिटर्न फॉर्म चुनना चाहिए। अगर आप इसमें गलती करते हैं तो इनकम टैक्स डिपार्टमेंट आपका फॉर्म प्रोसेस नहीं करेगा।

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आइटीआर भरने के लिए जरूरी डॉक्यूमेंट्स | Documents listing for ITR filing

ITR फाइल करने के लिए अपना PAN, Aadhaar, बैंक अकाउंट नंबर, इन्वेस्टमेंट डिटेल्स और उसके प्रूफ/सर्टिफिकेट, फॉर्म 16, फॉर्म 26 AS जैसे जरूरी डॉक्यूमेंट अपने पास रखें, क्योंकि आपके ITR संबंधी सारी जानकारी इन डॉक्यूमेंट्स से ही मिलेंगी। ज्यादातर जानकारी ITR फॉर्म में भरी होती हैं। सिर्फ क्रॉस वेरिफिकेशन के लिए डॉक्यूमेंट्स रखना जरूरी है।

ऑनलाइन ITR फाइलिंग करने की प्रक्रिया | Online ITR filing process

ऑनलाइन इनकम टैक्स रिटर्न कैसे भरे | Income Tax Return online in hindi

इनकम टैक्स दो तरीकों से भरा जा सकता है। एक ऑफलाइन तरीका है और दूसरा ऑनलाइन तरीका है। यहां हम आईटीआर ऑनलाइन और ऑफलाइन कैसे भरा जा सकता है, इसके बारे में चर्चा करेंगे। घर बैठे ऑनलाइन माध्यम से इनकम टैक्स रिटर्न भरना काफी आसान है। इनकम टैक्स रिटर्न भरने के लिए सबसे पहले खुद का आईटीआर ई-फाइलिंग पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन किया जाता है. वहीं पर ऑनलाइन इनकम टैक्स रिटर्न भरा जाता है।

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ऑनलाइन इनकम टैक्स रिटर्न कैसे भरें | Income Tax Return online in hindi

  • सबसे पहले आप www.incometaxindiaefiling.gov.in पर जाएं।
  • यूजर आईडी (PAN), पासवर्ड, जन्मतिथि और कैप्चा कोड एंटर कर लॉग इन करें।
  • ‘e-File’ टैब पर जाएं और Income Tax Return लिंक पर क्लिक करें।
  •  सबसे पहले ये चुनें की कौन सा ITR फॉर्म भरना है। असेसमेंट ईयर कौन सा है।
  • अगर ओरिजिनल रिटर्न भर रहे हैं तो ‘Original’ टैब पर क्लिक करें।
  • अगर रिवाइज्ड रिटर्न भर रहे हैं तो ‘Revised Return’ पर क्लिक करें।
  • इसके बाद Prepare and Submit Online को चुनें फिर Continue को क्लिक करें।
  •  इसके बाद नए पेज में दी गई सभी जानकारियों को भरें और सेव करते रहें, क्योंकि सेशन टाइम आउट हुआ तो भरी गई सभी जानकारियां गायब हो जाएंगी।
  • इसमें आपको निवेश की सभी जानकारियां, हेल्थ और जीवन बीमा की जानकारियां भरनी हैं।
  •  सभी जानकारियां भरने के बाद अंत में Verification का पेज आएगा, जिसे आप चाहें तो उसी समय वेरिफाई कर दें, नहीं तो 120 दिन के अंदर वेरिफाई कर सकते हैं।
  • इसके बाद Previw and submit पर क्लिक करें और ITR को सबमिट करें।

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ऑफलाइन आइटीआर कैसे भरे | How to fill ITR offline

  • www.incometaxindiaefiling.gov.in पर जाएं और संबंधित आकलन वर्ष के लिए ‘डाउनलोड’ सेक्शन (दायीं तरफ) से आईटी रिटर्न प्रिपेयरेशन सॉफ्टवेयर डाउनलोड करें। या, इस लिंक का इस्तेमाल करें (https://www.incometaxindiaefiling.gov.in/downloads/incomeTaxReturnUtilities?lang=eng)
  • आकलन वर्ष सेलेक्ट करें और डाउनलोडेड यूटिलिटी zip फाइल को निकाल लें. इस फोल्डर में JAR (Java Archive) फाइल पर क्लिक कर यूटिलिटी ओपन करें।
  • अब आईटीआर फॉर्म में अपनी इनकम, टैक्स पेमेंट्स, डिडक्शन आदि की पूरी जानकारी भरें. ‘Pre-fill’ बटन पर क्लिक कर पर्सनल डिटेल और टैक्स पेमेंट्स या टीडीएस की जानकारी भी भरें। यह देख लें कि कोई जानकारी छूट न गई हो।
  • सभी डेटा भरने के बाद टैक्स व ब्याज देनदारी और रिफंड की अंतिम स्थिति जानने के लिए ‘Calculate’ पर क्लिक करें।
  • यदि टैक्स देनदारी बनती है तो उसका तुरंत पेमेंट करें। तय फॉर्मेट में डिटेल सबमिट करें। इसके बाद ऊपर के स्टेप दोबारा करें जिससे टैक्स देनदारी शून्य हो जाए।
  • अपने कम्प्यूटर पर XML format में इनकम टैक्स रिटर्न डेटा जेनरेट कर सेव करें।
  • अब www.incometaxindiaefiling.gov.in पर जाएं।
  • अगर आप ई-फाइलिग में नए है तो, पोर्टल पर पहले रजिस्ट्रेशन करना होगा. रजिस्टर होने पर यूजर आईडी (PAN), पासवर्ड, जन्मतिथि और कैप्चा कोड एंटर कर लॉग इन करें।
  • ‘e-File’ टैब पर जाएं और “इनकम टैक्स रिटर्न” लिंक पर क्लिक करें।
  • उपयुक्त आईटीआर फॉर्म, आकलन वर्ष, फाइलिंग टाइप जैसे ओरिजिनल/रिवाइज्ड रिटर्न और सबमिशन मोड में ‘अपलोड XML’ चुनें।
  • इसके बाद इनकम टैक्स रिटर्न वेरिफाई करने के लिए कुछ विकल्प आएंगे. इनमें डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट, आधार ओटीपी, प्रीवैलिडेट बैंक अकाउंट डिटेल्स के जरिए ईवीसी जनरेशन, प्रीवैलिडेट डीमैट अकाउंट डिटेल्स के जरिए ईवीसी जनरेशन, बाद में ईवेरिफिकेशन करना, आईटीआर का वेरिफिकेशन ऑनलाइन न कर पोस्ट के जरिए ITR-V भेजकर करना आदि शामिल हैं।
  • अगर आप ई-वेरिफिकेशन करना चाहते हैं तो उपयुक्त विकल्प चुनें, यदि नहीं तो कंटीन्यू बटन पर क्लिक कर आईटीआर XML फाइल अटैच करें।
  • इसके बाद आईटीआर सबमिट करें।
  • अगर ई-वेरिफिकेशन का चुनाव नहीं किया है तो सबमिशन होने पर ITR-V दिखाई देगा। लिंक पर क्लिक कर ITR-V डाउनलोड किया जा सकता है। इसे आपके रजिस्टर्ड ईमेल पर भी भेजा जाएगा।

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​ITR भरने के बाद वेरिफिकेशन कैसे करें | How to do verification after filing ITR)

याद रहे कि इलेक्ट्रॉनिक मोड से बिना डिजिटल सिग्नेचर यानी बिना ई-वेरिफिकेशन आयकर रिटर्न (ITR) फाइल करने वाले करदाता को इसे ITR अपलोडिंग के 120 दिनों के अंदर वेरिफाई करना होता है। तय समयावधि के अंदर ITR को वेरिफाई न करने पर रिटर्न को ‘नहीं भरा हुआ’ यानी अमान्य घोषित किया जा सकता है। 6 तरीकों की मदद से ITR को वेरिफाई किया जा सकता है-

  •  नेटबैंकिंग की मदद से
  • बैंक के एटीएम की मदद से
  • आधार OTP के जरिए
  • बैंक अकाउंट के जरिए ई-वेरिफिकेशन
  • डीमैट अकाउंट नंबर के जरिए रिटर्न ई-वेरिफाई कराएं
  • ऑफलाइन रिटर्न वेरिफिकेशन

Conclusion: इस आर्टिकल में हमने आपको संपूर्ण जानकारी दी है कि घर बैठे ऑनलाइन इनकम टैक्स रिटर्न कैसे फाइल करते हैं। इसे स्टेप बाय स्टेप पढ़ें और घर बैठे ऑनलाइन इनकम टैक्स रिटर्न भरें। अगर आपको ये आर्टिकल अच्छा लगा तो comments करें।

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