Plum Health benefits Side Effects in hindi आलू बुखारा एक शानदार गुठली सहित गूदेदार और रसदार फल है। यह फल आड़ू, शफ़तालू, और बादाम के प्रजाति का है और यह उन कुछ फलों में से है जिनका रंग लाल पैनोरमा की तरह होता है। Aloo Bukhara in English यह फल मुख्य तौर पर दक्षिण एशिया और अफगानिस्तान में पाया जाता है। कभी-कभी आपको यह फल टमाटर की तरह दिखने के कारण भ्रम पैदा कर सकता है। सूखे हुए प्लम को प्रुन और ताजे फल को आलू बुखारा कहते हैं।

स्वाद में खट्टा-मीठा आलूबुखारा गर्मियों में आने वाला मौसमी फल है। इसमें बॉडी के लिए जरूरी पोषक तत्व जैसे मिनरल्स और विटामिन भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। आलूबुखारा डायट्री फाइबर से भरपूर होता है, जिसमें सार्बिटॉल और आईसेटिन प्रमुख हैं।खासतौर पर यह फाइबर्स, शरीर के अंगों के सुचारू बनाते हैं और पाचन क्रिया को भी दुरूस्त करते हैं। इसके साथ ही यह सौंदर्य बढ़ाने के भी काम आता है। इसका इस्तेमाल तरह-तरह के लजीज पकवान बनाने में भी किया जाता है। आज हम इस आर्टिकल के माध्यम से जानेंगे आलूबुखारा से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी जैसे आलूबुखारा खाने के क्या-क्या फायदे होते हैं | आलूबुखारा कब खानी चाहिए |

Table of Contents

आलू बुखारा के फ़ायदे व नुकसान Aloo Bukhara in English

आलू बुखारा खाने से क्या-क्या फायदे होते हैं  (Plum Health Benefits )

Aloo Bukhara in English

पाचन क्रिया के लिए

आलू बुखारा के सेवन से पेट की समस्‍याएं और पाचन प्रणाली भी स्वस्थ रहती है। फाइबर पर्याप्त उपलब्ध होने के कारण यह शरीर स्वास्थ्य और रोग के कीटाणु का अवरोध करता है। पेट की पाचन क्रिया को इसमें उपस्थित विषाणु दुरूस्त रखते है। इसके नियमित सेवन से पेट में दर्द या तनाव नहीं होता है और आंतें भी समान्य काम करती हैं।

दिल का साथी

यह रक्त का थक्का बनने से रोकता है जिससे ब्लडप्रेशर और हृदय रोगों की संभावना कम होती है। इसके साथ ही ये अल्जाइमर के खतरे को भी कम करता है।

ट्यूमर को रोकने में सहायक

छिलके के साथ आलूबुखारे का सेवन, ब्रेस्ट कैंसर को रोकने में सहायक होता है। यह कैंसर और ट्यूमर की सेल्स को बढ़ने से रोकता है।

मजबूत बनाएं हडि्डयां

महिलाओं में ऑस्टियोपोरोसिस को रोकने में आलूबुखारा बेहद सहायक है। रजोनिवृत्ति के उपरांत महिलाएं आलूबुखारे का सेवन करें तो वे स्वयं को ओस्टियोपोरेसिस से बचा सकती हैं।

दिमाग को रखे स्वस्थ

इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स आपकी त्वचा के साथ ही दिमाग को भी स्वस्थ रखने में सहायता करते हैं। यह आपके तनाव को कम करने में भी अहम भूमिका निभाता है।

बैड कोलेस्ट्रॉल को कम करे

यह आपके बैड कोलेस्ट्रॉल को कम करता है और इम्यूनिटी को बढ़ाता है। आलुबुखारे में आयरन की मात्रा होती है जो ब्लड सेल्स के निर्माण में मदद करती है। पोटेशियम होने से शरीर के सेल्स स्ट्रांग बनते हैं और ब्लड प्रेशर भी कंट्रोल में रहता है।

वसा को नियंत्रित करने में सहायक

आलू बुखारा में काफी बीमारियों से सुरक्षित रखने की प्रतिरक्षा क्षमता होती है। इसमें पाया जाने वाला रसायन मस्तिष्क को काफी उर्जा प्रदान करता है। ये वसा को भी नियंत्रित करता है और ओबेसिटी को बढ़ने से रोकता है। आलू बुखारा खाने से शरीर की वसा की सतह पर अनुपयुक्त रेडिकल्‍स और टॉक्सिन को नुकसान नहीं होता है। यह शरीर से विषैले पदार्थों को उत्सर्जित भी कर देता है।

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मधुमेह के रोगियों के लिए फायदेमंद Fruits aloo Bukhara

भोजन से पहले या उसके पश्चात भी आलू बुखारा का सेवन किया जा सकता है। इसे लगातार खाने से शरीर में शर्करा की मात्रा में इजाफा नहीं होता है और रक्त में भी शर्करा की मात्रा सही रहती है। मधुमेह के रोगी इसे नियमित रूप से खा सकते है, यह मधुमेह को नियंत्रित रखता है और शरीर की अन्य क्रियाओं को भी स्वस्थ बनाये रखता है।

उम्र बढ़ने के लक्षण में फायदेमंद 

आलू बुखारा में एंटीओक्सिडेंट, विटामिन ई, बीटा कैरोटिन, फैटी एसिड से लड़ने वाले एकम सेल झिल्ली की सुरक्षा करने वाले तत्व पाए जाते हैं, जोकि आपकी त्वचा को उम्र बढ़ने के लक्षणों जैसे झुर्रियां और लोच के नुकसान से बचाता है।

सोई हुई त्वचा को जगाने में फायदेमंद

आलू बुखारा का जूस पिने से यह आपकी त्वचा से मरी हुई त्वचा यानि डेड स्किन को बाहर निकालता है। और आपकी त्वचा को नया जीवन देने में सहायता करता है। कोलेजन की कमी अक्सर त्वचा को सुस्त और बेजान बनाती है, किन्तु यह उसके लिए फायदेमंद है।

त्वचा के निशान को कम करे

आलू बुखारा निशान के उतकों में रक्त के प्रवाह को बढाकर त्वचा के निशान को कम कर नई त्वचा में परिवर्तित करने में मदद करता है।

आलू बुखारा के नुकसान (Plum Side effects)

ऑक्सालेट 

आलू बुखारा में ऑक्सालेट अधिक होता है, जोकि कैल्सियम का अवशोषण कम करता है। ऑक्सालेट और कैल्सियम का शरीर में जमा होना किडनी और ब्लैडर की पथरी का कारण बनते हैं, इस रोग से ग्रस्त होने वाले रोगियों को या पथरी के इलाज के लिए इसका सेवन करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरुर लेना चाहिए।

उच्च एसिड कंटेंट 

आलू बुखारा संतरे, हरे सेब, अनानास, नीम्बू, अंगूर, टेंजेरीन, और टमाटर की लीग से सम्बंधित है। यदि आप अपने एसिड कंटेंट के कारण ये फल नहीं खा सकते तो आप आलू बुखारा का भी सेवन नहीं कर सकते हैं।

सल्फाइट्स 

सूखे आलू बुखारा को सल्फाइट्स के साथ इलाज किया जाता है, ताकि उन्हें ओक्सीकरण से बचाने में मदद मिल सके जोकि इस फल को डार्क कर देता है और यह भूरे रंग में बदल जाता है। जो लोग सल्फाइट की तरफ संवेदनशीलता रखते हैं इसके लिए सावधान रहना चाहिए, क्योंकि उन्हें इससे एलर्जी होने का खतरा हो सकता है।

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आलू बुखारा के उपयोग (Plum or Aloo Bukhara Uses)

Aloo Bukhara in English

  • खट्टा मिट्ठा यह फल जैम बनाने में बहुत काम आता है।
  • आप इसे रॉ यानि कच्चा भी ग्रहण कर सकते है या फिर इसे मिक्सर या जूसर में डालकर जूस बनाकर भी पी सकते है.
  • इससे कई प्रकार के बढ़िया खाने के व्यंजन बना सकते है और किसी खास व्यजंन में इसे शामिल कर उसे स्वादिष्ट बना सकते हैं।

गर्भावस्था में आलूबुखारा के फायदे | Aloo Bukhara in pregnancy

  • गर्भावस्‍था में खासतौर पर आईरन डिफिशिएंसी एनीमिया का खतरा रहता है। इसकी वजह से प्रीमैच्‍योर बर्थ या लो बर्थ वेट की समस्‍या हो सकती है। ऐसे में आयरन युक्‍त चीजें खाने से एनीमिया को रोका जा सकता है। Aloo Bukhara in English आलूबुखारा आयरन से भरपूर होता है और खून की मात्रा को बढ़ाता है।
  • आलूबुखारा फाइबर से भरपूर होता है इसलिए यह गर्भावस्‍था में पाचन को दुरुस्‍त रखने में काम आ सकता है। इस फल को खाने से कब्‍ज से राहत मिल सकती है।

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अनेक भाषाओं में आलूबुखारा के नाम (Aloo Bukhara Called in Different Languages)

आलूबुखारा का वानस्पतिक नाम प्रूनस डोमेस्टिका (Prunus domestica L., Syn- Prunus communis Huds) है, Aloo Bukhara in English और यह रोजेसी (Rosaceae) कुल का है। इसे भारत सहित अन्य दूसरे देशों में कई नामों से भी जाना जाता है, जो ये हैंः-

Aloo Bhukhara in-

  • Hindi (plum fruit in hindi) – आलूबुखारा
  • English (aloo bukhara in english) – गार्डन प्लम (Garden plum), प्रून प्लम (Prune plum), Plum tree (प्लम ट्री), यूरोपियन प्लम (European plum)
  • Sanskrit – आल्लूक, अल्लू, रक्तफल, भल्लूक
  • Kannada – अलबोखाला (Albokhala), अरुकम (Arukam)
  • Gujarati – पीच (Peach), आलूबुखारा (Alubukhara)
  • Tamil – अलुप्पुक्काराप्लम (Aluppukkarappalam)
  • Telugu – अलपागोडापाण्डु (Alpagodapandu)
  • Bengali – आलूबुखारा (Alubukhara)
  • Nepali – आरु बखाड़ा (Aru bakhada)
  • Malayalam – अरुकम् (Arukam)
  • Arabic – बरकफक (Barkuk)
  • Persian – शफतालू (Shaftalu)

आलूबुखारा का इस्तेमाल कैसे करें (How to Use Aloo Bukhara)

आप आलूबुखारा का इस्तेमाल इस तरह से कर सकते हैंः-

  • आलूबुखारा फल
  • आलूबुकारा के पत्ते
  • आलूबुखारा के बीज का तेल

FAQ

Q: आलूबुखारा की खेती कब होती है?

Ans: आलूबुखारा की खेती नवम्बर और फरवरी माह के बीच की जाती है।

Q: आलूबुखारा का दूसरा नाम क्या है?

Ans: आलूबुखारा का वानस्पतिक नाम प्रूनस डोमेस्टिका हैं।

Q: आलूबुखारा कब खाने चाहिए?

Ans: आप आलूबुखारा सुबह या शाम के स्नैक के तौर पर खा सकते हैं। आप एक प्लेट में सिर्फ आलूबुखारा को काट लें और फिर हाथों से उसे खाएं।

Q: आलूबुखारा कितने रुपए किलो है? Aloo Bukhara price

Ans: आलूबुखारा बाजार में 180 रुपए किलो तक बिक रहे हैं।

Q: आलू बखारा कहां पाया जाता है?

Ans: यह फल मुख्य तौर पर दक्षिण एशिया और अफगानिस्तान में पाया जाता है।

 

 

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