Varicose Veins Treatment at Home in Hindi : वैरिकाज वेन्स की समस्या तब होती है, जब किसी व्यक्ति की नसों में खून जमा हो जाता है। इसकी वजह से नसें बड़ी हो जाती हैं और उभरी हुई दिखाई देती हैं। वैरिकाज नसों का रंग नीला, बैंगनी या लाल दिखाई दे सकता है।

वैरिकाज वेन्स दर्दनाक होता है, इसकी वजह से व्यक्ति को चलने-फिरने में मुश्किल आ सकती है। यह समस्या पैरों के निचले हिस्से में अधिक देखने को मिलती है। वैरिकाज नसें (Varicose Veins in Hindi) महिलाओं को अधिक प्रभावित कर सकती है। गर्भावस्था, मेनोपॉज, अधिक उम्र और मोटापा को वैरिकाज नसों के कारण माने जाते हैं।

वैरिकोज वेन्स होने के कारण Varicose Veins Treatment at Home in Hindi

Varicose Veins Treatment at Home in Hindi

वैरिकोज वेन्स की समस्या का कारण बढ़ती उम्र, मोटापा, लंबे समय तक खड़े रहना या बैठना, जन्म के समय से ही क्षतिग्रस्त वॉल्व हो सकता है। पुरुषों से ज्यादा महिलाओं में इसका ज्यादा जोखिम होता है। गर्भावस्था में भी यह समस्या हो सकती है। गर्भनिरोधक गोलियों का सेवन करना या मेनोपॉज से हार्मोनल बदलवा भी इसका कारण हो सकते हैं।

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वैरिकोज वेन्स के लक्षण -Varicose Veins Home Remedies in Hindi

जब नसों में रक्त का सही संचार नहीं होता है तो इसमें सूजन आने लगती हैं। इस लक्षण के अलावा और भी लक्षण होते हैं जो वैरिकोज वेन्स के कारण होते हैं और आमतौर पर लोग इसे नजरअंदाज कर देते हैं। वैरिकोज वेन्स की स्थिति में पैरों में दर्द, भारीपन होता है।

इसके लक्षण में जांघ, पैर या काफ मसल्स में ऐंठन, अकड़न या दर्द, टखनों में हल्की सूजन, लंबे समय के लिए बैठे या खड़े होने पर दर्द होना आदि शामिल है। यही नहीं एक या एक से अधिक नसों के आसपास खुजली होने लगती है।

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वैरिकाज नसों के लिए घरेलू उपचार- How to Get Rid of Varicose Veins Naturally in Hindi

रेगुलर एक्सरसाइज करें

रेगुलर एक्सरसाइज से वैरिकाज नसों का इलाज (Varicose naso ka ilaj) किया जा सकता है। दरअसल, नियमित एक्सरसाइज करने से पैरों में ब्लड सरकुलेशन बेहतर होता है। इससे पैरों की नसों में खून जमा नहीं होता है और हृदय तक आसानी से पहुंच जाता है। वैरिकाज वेन्स का घरेलू इलाज करने के लिए आप साइकलिंग, स्विमिंग, वॉकिंग और योग आदि कर सकते हैं।

वजन कम करे

मोटापा वैरिकाज नसों का कारण हो सकता है। ऐसे में वैरिकाज नसों का इलाज करने के लिए वजन को कम (Varicose Veins Thik Krne ke Liye Vajan Kam Karen) करना फायदेमंद हो सकता है। दरअसल, वजन कम करने पर नसों पर कम दबाव पड़ेगा। साथ ही रक्त का प्रवाह भी बाधित नहीं होगा। वजन कंट्रोल करके वैरिकाज नसों की समस्या को बढ़ने से रोका जा सकता है। हेल्दी वेट (Healthy Weight in Hindi) के लिए अच्छी डाइट और एक्सरसाइज करें।

फ्लेवेनोएड रिच डाइट लें

वैरिकोज नसों का घरेलू इलाज करने के लिए आप अपनी डाइट में फ्लेवेनोएड रिच फूड्स शामिल कर सकते हैं। फ्लेवेनोएड शरीर में रक्त प्रवाह को बेहतर करता है। साथ ही ब्लड प्रेशर को भी कंट्रोल रखता है। फ्लेवेनोएड रिच फूड्स रक्त वाहिकाओं को आराम पहुंचाते हैं, इससे उभरी हुई या नीली नसों से भी आराम मिल सकता है। पालक, खट्टे फल, लहसुन, चैरी और ब्रोकली फ्लेनोएड्स से भरपूर होते हैं।

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बर्फ लगाएं

बर्फ से सिकाई करके भी वैरिकाज नसों की समस्या से राहत मिल सकती है। इसे घर पर वैरिकाज नसों का इलाज करने का आसान तरीका माना जाता है। इसके लिए आप एक बर्फ का टुकड़ा लें। इसे एक कपड़े पर लपेटें और फिर हल्के हाथों से पैरों पर लगाएं। लेकिन वैरिकाज नसों पर बर्फ का इस्तेमाल करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें।

रोजाना मालिश करें

रोजाना पैरों की मालिश करने से भी वैरिकाज नसों का उपचार (Malish se Thik Kare Varicose Veins) संभव हो सकता है। वैरिकाज नसों को ठीक करने के लिए आप जैतून के तेल से पैरों की मालिश कर सकते हैं। पैरों की मालिश करने से रक्त प्रवाह बेहतर होता है। लेकिन मालिश हमेशा हल्के हाथों से करें। मालिश करते हुए दबाव न बनाएं, इससे टिश्यू डैमेज हो सकते हैं।

Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी एक सामान्य ज्ञान पर आधारित है किसी भी उपाय को अपनाने से पहले एक बार डॉक्टर से संपर्क जरुर करें।

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